आँख में फूला, लाली, सूजन, रतौंधी व अन्य नेत्र रोगों का उपचार eye diseases and treatment in hindi

Eye Diseases and Treatments in Hindi | Eye Problems | Trachoma | Nyctalopia | Cataracts |


 

दोस्तों ! जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे जीवन में हमारी आँखों का कितना महत्त्व है। बिना आँखों के जीवन बिलकुल बेरंग और नीरस होता है। इसलिए हमें अपनी आँखों का हमेशा ध्यान रखना चाहिये। फिर भी, वर्तमान दिनचर्या या जन्मजात अथवा किसी अन्य कारण से हमारी आँखों में कोई समस्या या बीमारी हो जाती है। इन समस्याओं के उपचार के लिए आयुर्वेद में सरल व रामबाण उपाय हैं जिन्हें इस post के माध्यम से आपको बताया जा रहा है, जिन्हें अपनाकर आप अपनी आँख की बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। ये औषधियां आपको अपने रसोईघर या प्रकृति में ही सरलता से मिल जाएँगी। अब हम आपको बता रहे हैं उन औषधियों और उनसे ठीक होने वाली आँखों की समस्याओं के बारे में –


 पीपल (Ficus religiosa for eye problems / disease in Hindi)


पीपल के कोमल पत्तों के रस में शुद्ध शहद मिलाकर पर लेप करने से आंख की लाली व सूजन जड़ से दूर हो जाती है। यह आंख के अन्य रोगों को भी समाप्त कर के नेत्र ज्योति बढ़ाता है। यदि यह लेप आंख के अंदर गिर जाए तो कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

 


 अजवायन (Parsley / Celery for eye problems / disease in Hindi)


आंख में फूला हो जाने पर अजवाइन को जलाकर उसका चूर्ण करें। इस चूर्ण को जस्ते की सलाई से प्रातः – सायं डालें तो 9 सप्ताह के प्रयोग से फूला मिटने लगता है। आँखों के लिए जंगली अजवायन का सेवन बहुत लाभदायक होता है।

 


 गदहपूरना (Gadahpurna / Punarnava for eye problems in Hindi )


गदहपूरना (Gadahpurna) का रस आँख में डालने से आँख का फूला, माणी, धुँधलापन आदि रोग दूर हो जाते हैं। जिनको मोतियाबिंद और आँख में फूला का कष्ट हो उनके लिए नीचे लिखा उपाय लाभदायक होगा। पुनर्नवा / गदहपूरना आजकल सभी जगह मिलती है। इसको जड़ समेत उखाड़कर धोकर, सिल पर पीसकर कपड़े से निचोड़कर एक छटाँक रस निकाल लें। और उस रस में तीन माशा बरास कपूर और डेढ़ माशा पिपरमिंट मिलाकर एक सप्ताह तक रख दें। बाद में फलालैन से छानकर कांच की शीशी में भरकर रख लें और सोते समय जस्ते की सलाई से इसे आँख में लगायें। पुनर्नवा / गदहपूरना की जड़ को शहद अथवा दूध में घिसकर लगाने से आँख की खुजली तथा आँखों से पानी गिरना की समस्या में आराम मिलता है।


नीम के पेड़ पर लगा हुआ शहद जो कम से कम दो वर्ष पुराना हो, आधा छटांक एक शीशी में भर लें। उसमें गदहपूरना / पुनर्नवा का रस दस बूँद डालें। इसे जस्ते की सींक से मिला लें। इसे रोज सुबह तथा रात को अपनी आँखों में लगायें। इससे नेत्रज्योति बढ़ेगी।


 अकवन (Akwan for eye problems in Hindi) 


Aak / Akwan

अकवन को आक भी कहते हैं। अकवन का दूध यदि आँखों में चला जाये तो यह आँखों के लिए बहुत घातक होता है और व्यक्ति की आँखों की रौशनी जा सकती है किन्तु यदि अकवन का दूध पैर के अंगूठे के नख पर लगाने से आँख की लाली तुरंत साफ हो जाती है। परन्तु ध्यान रहे कि यह आँख में ना लगने पाये।

 


 पद्म मधु (Lotus Flower Honey for eye disease in Hindi) 


कमल के फूल की पंखुड़ियों को तोड़ते समय शहद के समान एक रस निकलता है जिसे पद्म-मधु कहते हैं। इसे आँखों में लगाने से आँखों के अनेक रोग मिट जाते हैं।

 

 


 नीम (Neem for eye problems and diseases in hindi) 


नीम से आँखों की खोई हुई रौशनी को वापस पाया जा सकता है। कनिष्ठा अंगुली जितनी मोटी और चार अंगुल लम्बी नीम की दातौन को तेज चाक़ू से छील लें। इसकी छाल उतर जाने पर इसे चाकू से छील-छीलकर चिकनी सलाई बना लें। एक ताजा सफेद प्याज लें, नीम की सलाई को प्याज में अलग-अलग स्थान पर दोनों ओर भोंक कर प्याज का रस आँखों में लगा लें। ऐसा दिन में कई बार करें। प्याज या सलाई सूख जाने पर बदल लें। इससे नेत्रों के रोग नष्ट होकर नेत्रज्योति बढ़ जाएगी।

जिनकी आँखों में मोतियाबिंद का भय हो या आँखों की रौशनी बहुत कम हो गई हो। वे इस औषधि का प्रयोग करें – दस-बारह ग्राम नीम की हरी कोंपलें पीसकर और उसकी टिकिया बनाकर एक छटांक शुद्ध सरसों के तेल में रखकर एक बंद शीशी में रखकर छत पर पंद्रह दिन तक रखें। बाद में इसे छानकर फिर इसमें तीन माशा बरास कपूर डाल दें और प्रतिदिन सोते समय आँखों में लगाए।


 बेल (बेल्व) (wood apple for eye problems in hindi)


नेत्रों का दुखना, लालिमा, अधिक कीचड़ आने पर बेल के पत्तों को पीसकर पुल्टिस बांधना लाभदायक होता है।

 

 


 गाजर (Carrot for eye problems in hindi)


कम दिखाई देना, रतौंधी, पढ़ते समय आँखों में तकलीफ, आदि नेत्ररोगों में कच्ची गाजर या उसके रस का सेवन करने लाभ मिलता है। यह चश्मे का नंबर घटा सकता है।

 

 


 संतरा (Orange for eye diseases in hindi)


संतरे का सेवन नेत्रों के लिए बहुत हितकारी होता है। इसलिए जिन्हें आँखों समस्या हो उन्हें संतरे का सेवन करना चाहिये।

 

 


 गोमूत्र (Gomutra / Cow Urine for eye disease in hindi) 


प्रातःकाल गोमूत्र से आँखें धोने से नजरें तेज होती हैं तथा धीरे-धीरे चश्मा भी उतर जाता है। गोमूत्र से आँखे धोने वाले इस बात का ध्यान रखें कि प्रतिदिन दो-तीन बार गाय का घी आँख और नाक में लगाते रहें और नहाते समय आँखों में साबुन ना लगने दें।

 


 तुलसी (Tulsi / Basil for eye problems in hindi)


तुलसीपत्र स्वरस में शहद मिलाकर आँखों में लगाने से नेत्ररोगों में बहुत लाभ मिलता है।

 

 


 काली मिर्च (Black pepper for eye diseases in hindi)


काली मिर्च को पीसकर बूरा और घी में मिलाकर खाने से सभी नेत्ररोग दूर हो जाते हैं तथा नेत्रज्योति बढ़ जाती है।

 

 


 त्रिफला (Triphala for eyes in hindi) 


मिटटी के नए छोटे कुल्हड़ में रात को त्रिफला पानी में भिगोकर रख दें।  सुबह उठकर उस पानी से आँखें धोने से आँखों के रोग दूर हो जाते हैं। तथा आँखों की रौशनी बढ़ती है।

 

 


 हरड़ (Harad for eyes in hindi) 


जिनकी आँखें कमजोर हों, उन्हें प्रतिदिन बड़ी हरड़ घी के साथ चाटनी चाहिये। और फिर मिश्री युक्त गाय का दूध पीयें।

 

 


 शहद (Honey for eyes in hindi) 


शहद (Honey) व केसर (Saffron) मिलाकर आँखों में लगाने से आँखों की लालीजलन व रतौंधी ठीक हो जाती है।

शुद्ध शहद में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर आँखों में लगाने से कुछ ही दिन में आँखों की फूली ठीक हो जाती है।

 


 गुलाबजल (Rose water for eyes in hindi) 


गुलाबजल के प्रयोग से नेत्ररोगों में बहुत लाभ मिलता है। गुलाबजल ‘रतौंधी’ रोग की रामबाण दवा है।

 

 


 आंवला (Amla for eyes in hindi) 


आंवले का रस आंख में टपकाने से आंख का जाला दूर हो जाता है। आँखों में जलन होने पर आंवला को पानी में भिगोकर उस पानी से आँखें धोने से जलन में लाभ मिलता है।

 

 


 चूना (Calc for eyes in hindi)


आँखों और कान के बीच के भाग में चूने का लेप करने से आँख की लाली ठीक होती है और आँखों की सूजन में लाभ मिलता है।

 

 


 कपूर (Kapoor for eyes in hindi)


बरगद के दूध में कपूर घिसकर आँखों में लगाने से आँखों की फूली ठीक हो जाती है।

 

 


 गेंदा ताजी हरी पत्तियां (Marigold leaves for eyes in hindi)


गेंदा की ताजी पत्तियों सिल पर पीस लें, आधा गिलास रस निकालकर छानकर इसमें शुद्ध शहद मिलाकर प्रतःकाल पी लें। इससे आँखों के रोगों के साथ ही High Bloodpressure, मधुमेह, अल्सर व बवासीर में लाभ मिलता है।

 

 


 यदिआंखों के नीचे काले धब्बे या झुर्रियां पड़ जाए तो-


  •  आंखों के आसपास ताजी मलाई लगाएं तथा हल्के-हल्के मले।
  •  शुद्ध शहद और नींबू का रस मिलाकर मले तो झुर्रियां दूर होंगी।
  •  लहसुन को देसी घी में भूनकर खाएं।
  •  काली मिर्च और गुड़ मिलाकर खाएं।

 आँखों का रोहा (Trachoma)


आँख के रोहे का काजल (Treatment of Trachoma )- तूतिया को गुलाबजल में पीसकर रख लें। सरसों के तेल के दीपक में रुई की बत्ती से काजल पार लें। बाद में गुलाबजल-तूतिया का मिश्रण इसमें मिला लें। इसे गाय के घी में फेंटना अधिक लाभदायक होगा। फिर इसे रोहे वाली आँख में लगाएं।


आँख दुखने पर – 5 ग्राम फिटकरी, 200 ग्राम अर्क गुलाब, फिटकरी को पीसकर अर्क गुलाब में मिलाकर शीशी भर लें। दिन में कई बार 2-3 बूँदें आँखों में डालते रहें।


आँख उठी होने या आँखों में जलन होने पर गाय के दूध में रुई को भिगोकर और उसके ऊपर फिटकरी का चूर्ण डालकर आँख के ऊपर पट्टी बाँध देनी चाहिये। गोमूत्र में शक्कर मिलाकर पीना चाहिये। या गाय के मक्खन को आँखों पर चुपड़ दें।


जिन लोगों की आंखों में कीचड़ आता हो उनके लिए उपाय- एक बोतल अच्छी Quality का गुलाबजल, 10 ग्राम सफेद फिटकरी, 10 ग्राम सफेद सेंधा नमक और 10 ग्राम बीकानेरी मिश्री। इन सब को पीसकर गुलाबजल में अच्छी तरह से मिला दें और छानकर कांच की बोतल में उपयोग करने के लिए रख दें। इसे Eye Dropper से या रुई से आंख में पांच-पांच बूंदें टपका ले और आपको 5 मिनट तक बंद रखें और बाद में आप आंखों को धो लें। इसे रात को सोते समय और सुबह उठते ही उपयोग करना बहुत लाभदायक होता है। इसमें कई बार हवा लगने से जाले पड़ जाते हैं तो इसको फिर से एक साफ कपड़े से छान लेना चाहिए। इस तरह बार-बार छानकर रखने से यह कई सालों तक काम देता है। जिनकी आँखों में रोहे (Trachoma) हो गए हों या आँखें उठ आएं उनकी आँखों में इस दवा को डालकर इसी दवा में रुई का फोहा भिगोकर बाँध देने से शीघ्र लाभ मिल जाता है।


 आंख में कुछ गिर जाए-


यदि आंख में कुछ गिर जाए तो आँख को जोर से नहीं मले बल्कि 1. पलक को ऊपर उठाकर रुमाल के कोने से या साफ रुई की बत्ती बनाकर या ब्लाटिंग पेपर के टुकड़े से निकाले। या 2. आंख पर पानी की धार या पानी के छींटे डालें। या 3. आंख में एक दो बूंद गुलाबजल या जैतून का तेल डालें। 4. यदि चूना पड़ गया हो तो पानी के छींटे दें।

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